यात्रा डायरी
कनाडा से चिट्ठी : दस
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पर्यटन के चरमोत्कर्ष का 'उतारा'
इस सप्ताहान्त लगून सिटी और ओरिलिया के तुधोप
पार्क की सैर को एक तरह से हमारे कनाडा प्रवास का 'उतारा' भी माना जा सकता है। नियाग्रा प्रपात के अवलोकन की मदहोशी के बाद आज
की सैर से तन,मन को सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास किया।
सबेरे करीब 10 बजे न्यूमार्केट कनाडा के घर से निकलकर
हमलोग 11 बजे के
आसपास कोई 55 किलोमीटर
दूर खूबसूरत 'लगून सिटी' पहुंचे।
इस खास बस्ती की विशेषता यह है कि यहां के
प्रत्येक घर और कॉटेज के सामने या पीछे झील से जुड़ी नहरें इस तरह गुजरती हैं, जैसे हमारे यहां सड़कें बनी होती हैं। बेशक
इन घरों के सामने सड़क तो है ही लेकिन नहरों के जरिये अपनी बोट से,नाव से भी यात्रा की जा सकती है। निकट के
शहर भी जाया जा सकता है और झील में पहुंच कर वाटर स्पोर्ट्स, बीच आदि का आनन्द भी उठाया जा सकता है।
बहती नहरों के ऊपर कई ऊंचे ब्रिज बने हैं
जिनसे वाहन गुजरते हैं और नीचे से बड़े छोटे जल यान, मोटर बोट्स और नावों में यहां के निवासी यात्रा करते हैं। आनन्द उठाते
हैं। घरों के नीचे तक पानी इस तरह भरा होता है कि बोट्स आदि कारों की तरह घर में
पार्क भी किये जा सकते हैं। इस नए दृश्य और जीवन शैली को देखना हमारे लिए बहुत
रोमांचक रहा।
इसी से थोड़ा आगे कोई 25 मिनट के ड्राइव के बाद ओरिलिया कस्बे में
वृहद झील के किनारे पर तुधोप पार्क है। यहां एक बीच भी है। रविवार होने से बच्चों
और परिवारों की उपस्थिति ज्यादा थी। वॉलीवाल, स्केटिंग, नौकायन, तैराकी,वाटर स्पोर्ट्स आदि यहां झीलों के किनारे होने वाली आम गतिविधियां
होती हैं। लोग बारबेक्यू जमाये खाने पीने में भी व्यस्त थे। रेत पर घर बनाते और
खेलते बच्चों के अलावा कुछ दिव्यांगजन भी यहां अपने विशेष वाहनों पर पार्क का
आनन्द उठाते नजर आए।कुछ लाइफ गार्ड्स भी यहां अपनी सेवाएं देते दिखाई दिए।
नेताओं और महान व्यक्तियों की स्मृति और
युद्ध में गौरव पूर्ण विजय को यादगार बनाने के लिए अनेक स्मारक हम देखते ही रहे
हैं। लेकिन ओरिलिया कस्बे के तुधोप पार्क में कनेडियन श्रमिकों के उनके अवदान और
कार्य करते हुए अपनी जान गंवा देने को सम्मान व महत्व देने के लिए बने स्मारक को
देखकर विशेष खुशी का अहसास हुआ।
कनाडा की लबालब झीलों और पार्कों को कभी
भुलाया नहीं जा सकता। ये सुंदर हैं। व्यवस्थित हैं। साफ सुथरे और सुविधा सम्पन्न
हैं। प्राकृतिक संसाधनों के रखरखाव को यहां अनुभव किया जा सकता है। लोगों की
रुचियों और जीवन शैली को अनुशासित ढंग से एक सूत्र में बांधे हुए आनन्द की हिलोरें
यहां सर्वत्र दिखाई देती हैं। यह अद्भुत है और अनुकरणीय भी।
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